हेलो ! मैं गांधी हमें एक-दूसरे के धर्म की अच्छी बातों को ग्रहण करना चाहिए: महात्मा गाँधीगाँधी जी की नज़र में धर्म! by editor November 10, 2023 Share this Facebook Messenger Twitter Pinterest Linkedin Whatsapp धर्म अत्यंत व्यक्तिगत वस्तु है। हमें अपने ज्ञान के अनुसार जीवन व्यतीत करके एक-दूसरे की उत्तम बातें ग्रहण करनी चहिये और इस प्रकार ईश्वर को प्राप्त करने के मानव-प्रयत्नों के कुल योग में वृद्धि करनी चाहिए। हरिजन, 28-11-1936 Share this Facebook Messenger Twitter Pinterest Linkedin Whatsapp You might be interested in March 30, 2025 अहिंसा प्रेम की अभिव्यक्ति है और प्रेम अपने आप में सबसे बड़ा कानून है। March 27, 2025 जो समाज के प्रति उत्तरदायी न बना सके वह शिक्षा व्यर्थ है March 3, 2025 महिलाओं को अपने जीवन के निर्णय खुद लेने का अधिकार मिलना चाहिये January 26, 2025 अगर हमारे अपने शासक भी अन्याय और शोषण करें, तो वह स्वराज नहीं है।