प्रेम वह नहीं जो केवल पाने की इच्छा करे, प्रेम वह है जो केवल देने में विश्वास रखे। जब प्रेम में अपेक्षाएँ जुड़ जाती हैं, तो वह प्रेम नहीं रहता, बल्कि एक व्यापार बन जाता है। सच्चा प्रेम निःस्वार्थ होता है। यदि
शिक्षा केवल अंग्रेज़ी भाषा में नहीं होनी चाहिए। हमें अपनी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए, क्योंकि यही हमारी संस्कृति और परंपरा को बनाए रख सकती है। हमें ऐसी शिक्षा प्रणाली की आवश्यकता है जो हमें हमारे समाज की समस्याओं को समझने
भारतीय समाज में महिलाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय है। महिलाओं के बिना कोई समाज उन्नति नहीं कर सकता। एक ओर हम उन्हें देवी का स्थान देते हैं, और दूसरी ओर उनके साथ अछूतों जैसा व्यवहार करते हैं। महिलाओं को समाज में
स्वराज का अर्थ केवल अंग्रेज़ी हुकूमत से मुक्ति नहीं है। यह एक ऐसा राज्य है, जिसमें हर व्यक्ति को अपने अस्तित्व का अर्थ समझने का अवसर मिले। स्वराज आत्म-नियंत्रण है, यह आत्म-साक्षात्कार है। इसका मतलब यह नहीं कि हम केवल बाहरी शासकों
अस्पृश्यता का उन्मूलन मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। यह मानवता पर एक कलंक है। जिस समाज में अस्पृश्यता का प्रचलन है, वह समाज सच्चे अर्थों में सभ्य नहीं हो सकता। अस्पृश्यता केवल एक सामाजिक समस्या नहीं है, यह हमारे
शांति केवल बाहरी स्थिति का नाम नहीं है, यह एक आंतरिक अवस्था है। यह हमारे हृदय में बसती है। यदि हम हिंसा को अपनाकर शांति स्थापित करना चाहते हैं, तो यह एक असंभव विचार है। हिंसा से केवल अस्थायी समाधान मिलता है,
शिक्षा केवल बुद्धि को विकसित करने का नाम नहीं है; यह हृदय और आत्मा की जागृति का भी माध्यम है। मेरा मानना है कि एक सच्ची शिक्षा वही है जो हमारे भीतर के सर्वोत्तम गुणों को सामने लाए। इस शिक्षा का लक्ष्य
शिक्षा का असली मकसद केवल अकादमिक ज्ञान नहीं है, बल्कि यह हमारे चरित्र का निर्माण करती है। हमें बच्चों को सत्य, अहिंसा, करुणा और सहनशीलता जैसे गुणों का अभ्यास कराना चाहिए। शिक्षा का यह कार्य केवल शिक्षकों का नहीं, बल्कि हर व्यक्ति
धर्म और राजनीति का संबंध बहुत ही नाजुक है। मेरा मानना है कि राजनीति का आधार नैतिकता और धर्म होना चाहिए, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम धर्म के नाम पर भेदभाव करें। धर्म का उद्देश्य मानवता की सेवा करना है,
सभी धर्म एक ही सत्य के विभिन्न रूप हैं। हमें किसी भी धर्म के प्रति पूर्वग्रह नहीं रखना चाहिए। सच्ची धार्मिकता वह है जो हमें अन्य धर्मों का सम्मान करना सिखाती है और हमें मानवता की सेवा की ओर प्रेरित करती है।